बाज की तरह जीना सिखों





दो तरीके के लोग होते हैं

(1)पहला मुझे कब किसके साथ जुड़ने किसके साथ रहने है। कितने बड़े लोगो के साथ उठना बैठना हो जाए ।

ताकि मेरा काम आसानी से हो जाए।


और (2) दुसरा कब कैसे चलना है। कितना मेहनत करनी है। कितना क़ामयाब होना है। कितना बड़ा बनना है। ताकि मुझे किसी से सिफारिश न करने पड़े किसी को अपना परिचय न देना पड़े मेरा नाम ही काफ़ी रहे।


अब आपको फैसला करना है की कौन सा वाला रास्त आपको अपनाने हैं।


याद रखे पहला रास्ता बहुत आशान हैं मगर आपकी पहचान छिन लेता हैं और चाटुकारता और लट्टू बना देता है।

और दुसरा रास्ता थोड़ा मुस्किल हैं मगर ये रास्ता आपके पहचान को बनाये रखता है।और🦅 बाज बना देता है ।

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