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Showing posts from December, 2021

जो लालची हैं बेशक वो गुलाम हैं।

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असल गुलामी है अपनी गुलामी बात तो बहुत करते हो की हमे दुनिया-जहान की गुलामी नही करनी क्या तुमने अपनी गुलामी करना छोड़ दिया? अगर जावब है हाँ तो तुम पूरी तरह से आजाद हो  अगर नहीं तो पहले खुद से आज़ादी पाओ सबसे पहले तुम  खुद की गुलामी को छोड़ो। ये जमाना तुम्हे कहा गुलाम बना रखा है । ये गुलाम बनाती ही है ऐसे सक़्सियत को जो खुद का गुलाम हो।  आप क्या सोचते है की आप का लालच भी बरकरार रहे और आपको गुलाम भी न होना पड़े। ऐसा हो सकता है भला याद रखो अगर आप की कोई लालच नही है और न आप को किसी से कुछ चाहिए । तो ना आप किसी से दबोगे और ना किसी से डरोगे ना किसी के गुलामी और ना किसी के हाँ मे हाँ ना किसी के ना मे ना भरोगे ये तुम्हारी लालच और तुम्हारा स्वार्थ तो है। जो तुम्हे गुलाम बना रखा है । जब आप किसी चिंज के प्रति लालच रखते हो इसका मतलब आप अपने मन का गुलाम हो। अगर आपको गुलामी छोड़नी है तो आप को खुद पर नियंत्रण,सयंम रखना होगा लालच को छोड़ना होगा। जो खुद का गुलाम नही वो दुसरे के अंडर मे रहकर भी राजा का मर्तबा पा लेता है। नोट:अपने आप को अपने बस मे रखना एक सकारत्मक सोच और सकारत्मक रवैया का जन्म देती...

अपनी_नज़र को अपने प्रति हमेशा ऊंचा रखो

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तुम जितना छोटे होते हो  तुम्हारे सामने हर कोई उतना ही बड़ा दिखेगा। गौर करो इस बात पर कभी खुद को कमजोर छोटा असहाय हक़ीर न समझो तुम तुम हो  तुम्हारा एक अलग रवैया होनी चाहिए।  कोई हमे छोटा और बड़ा नही देखता ये हमारी ही मिजाज हैं। जिस तरीके से हम खुद को देखते हैं ये ज़माना भी हमे देखने लगता है। जिस नज़र से हम खुद को देखते है ये दूनियाँ भी हमे उसी नज़र से देखने लगता है। ये मौका हम ही देते है लोगो को अपने प्रति मज़ाक बनाने का फिर बाद कहते है। की लोगो का दृष्टि ठीक नही हमारे प्रति लोग हमारा मज़ाक बनाते है कोई इज्जत नही करता सब धितकारते है हमे। पूछता हूँ कभी अपने आप से ये पूंछे हो क्यों ऐसा हैं हमारे साथ क्यों हमारे साथ ऐसा होता है।  इसका सिर्फ और सिर्फ यही मतलब है की तुमने ही उन्हे छुट दे रखा है अपनी गरीबी मुफलिसी का रोना रो कर अपने आप को छोटा समझकर कभी-कभी तुम्हे किसी चिंज की ज़रूरत नही होती नाहि दिलचस्पी मगर लोगो के पास है तो हमारे पास भी होना चाहिए। इस आधार पर तुम उस सक़्स से इस तारीके से पेश आते हो मानो तुम्हारे पास कुछ नही। उस समय तुम वो सक़्स के पास खुद को इतना छोटा बना देते ...

जबतक अपनी गोल के पीछे नहीं भागोगे ज़माना के पीछे भागना पड़ेगा

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जिस दिन तुम क़ामयाब हुए न तुम्हारे गावँ,रिस्तेदार,दोस्त,दुशमन,शहर-शहर तक के लोग तुम्हे अपना क़रीबी रिस्तेदार जिगरी यार , एक से एक रिस्ता जोड़ कर बताएंगे। और जिस दिन तुम नाक़ामयाब हुए,तुम्हारे अपने ही तुम्हे छोड़कर चले जाएंगे,शायद वो भी तुम्हे छोड़कर चला जाए जिसे तुम खुद से भी ज़्यादा प्यार करते हो,ऐतबार करते हो,ये दूनियाँ वैसे ही हो गई हैं यक़ीन करो। नही की जा सकती किसी पर भरोसा,अगर चाहते हो कि हर किसी से रिश्ता बना रहे तो तुम्हे क़ामयाब होना पड़ेगा। और एक बात और याद रखो,जबतक तुम अपने गोल के पीछे नही भागोगे ज़माना के पीछे भागना पड़ेगा। भगाएगी ये दूनियाँ तुम्हे अपने पीछे और तुम्हे भागना पड़ेगा,और अंत मे तुम डिप्रेशन का शिकार हो जाओगे। इसलिए बिन कोई चिंता किए हुए सही रास्ता तलाश करो मंजिल तलाश करो और योद्धाओं के तरह भीड़ जाओ उस मंजिल तक पहुँचने के लीए। नही करो इस रास्ते मे किसी की परवाह जो छुट जाए तो छुट जाए चले आयेंगे ये सब वापस अगर तू एक बार क़ामयाब हो गया तो। यकिन करो तुम्हे बुलाने की ज़रूरत भी नही पड़ेगी शर्त ये है की तू अपनी मंजिल की सिखर तक पहुँच जा। नही तो उम्र भर तुम किसी न किसी के लिए रोते रहोगे...

किसी भी रास्ते का चुनाव करो तो साफ मन से करो क़ाबिलियत पर करो

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हमें एक अच्छी ज़िन्दगी या एक बुरी ज़िन्दगी नहीं दिया जाता है हमें एक ज़िन्दगी दिया जाता है इसे अच्छा या बुरा बनाना हमारे ऊपर है  कोई बेबस नही होता  हमारी जिंदगी हमारा चुनाव होता है हम रास्ता ही गलत चुन लेते है बेसक मंजिल तक हम पहुँच ही नहीं सकते जब हमारा चुनाव ही गलत हो वो चुनाव जो हमारे नही होते हमारी लालच भरी आत्मा का होता है।इसलिए लाचारी का रोना मत रोना अगर लगता हैं की अभी भी समय हैं तो खुद कि क़ाबिलियत को पहचानो और पूरी एफ़र्ट लगा दो।

DREAM और ATTITUDE से कोई समझौता नही

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अपनी हर बुरी आदत हर बड़ी-बड़ी छोटी-छोटी गल्तियां जो तुम्हारे DREAMS और तुम्हारे ATTITUDE को कमजोर करती हो  इन सबका एक लिस्ट बनाओ उस पर सोचो और Strict (सख्त) होकर उसे फाड़ दो..।

राजा बनो👑

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  खुद मे अनुशासन लाओ जब ये दूनियाँ निकालती है तुम्हारे खामिया तो तुम्हे तक़लीफ़ होती है फिर जाकर तुम उसपर काम करते हो यक़ीनन तुम जिंदा हो तो एहसास होता है मगर कब? जब लोग तुम्हारे वजूद पर सवाल करते है दागेदार करते है तब? सुनो तुम नौजवान हो इसका मतलब राजा हो 👑  तुम वो चिंज कर सकते हो जो सायद कुछ हद तक असंभव हो पहचानो आपनी क़ुअत को अल्लाह ने तुम्हे इतनी क़ुअत दी है की अपनी पैरो कि दमक से जल जला पैदा कर सकते हो। और एक राजा मे ये जेब नही देता की वो किसी के कहने पर खुद मे झाँके  जिस दिन से तुमने खुदमे खामिया निकालना खुद मे झाँकना शुरु कर दिया दावा है की ज़माना आप मे कोई खामिया नही निकाल पाएगा और नाहि आप मे कोई ताक झाँक कर पाएगा..।।

बाज की तरह जीना सिखों

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दो तरीके के लोग होते हैं (1)पहला मुझे कब किसके साथ जुड़ने किसके साथ रहने है। कितने बड़े लोगो के साथ उठना बैठना हो जाए । ताकि मेरा काम आसानी से हो जाए। और (2) दुसरा कब कैसे चलना है। कितना मेहनत करनी है। कितना क़ामयाब होना है। कितना बड़ा बनना है। ताकि मुझे किसी से सिफारिश न करने पड़े किसी को अपना परिचय न देना पड़े मेरा नाम ही काफ़ी रहे। अब आपको फैसला करना है की कौन सा वाला रास्त आपको अपनाने हैं। याद रखे पहला रास्ता बहुत आशान हैं मगर आपकी पहचान छिन लेता हैं और चाटुकारता और लट्टू बना देता है। और दुसरा रास्ता थोड़ा मुस्किल हैं मगर ये रास्ता आपके पहचान को बनाये रखता है।और🦅 बाज बना देता है ।

पूरी जीवन 2 चिंज का खेल हैं

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  साहस पूरी दूनियाँ 2 चीजो पर है (1)courage (साहस) (2) will power (आत्मबल) बाबर के पूरी ज़िन्दगी को आप पढ़ेंगे तो वास्तव मे आपको समझ आएगा की साहस और इच्छा-शक्ति किसे कहते है। वो कहते है की क्या हुआ जो मैदान हार गए ,अभी सब कुछ नहीं हारे, "वो अदम्य साहस,और इच्छाशक्ति,जो सर झुकाने और सजदा करने को तैयार नहीं"  आप जितने भी महान सक़सियत को देखेंगे यकीनन उनके ज़िन्दगी मे ये दोनो चिंजे ज़रुर मिलेंगे मुमकिन ही नही ये दोनो के बिना ज़िन्दगी गुज़ारना। मिलेंगे आपको ऐसे भी सक़्स जिनका वक़्त अच्छा रहा और इसके बेस पर और थोड़े मेहनत के बेस पर उन्होनें उन्नति हासिल की मगर जब उनका वक़्त खराब हुआ हालात नाज़ुक हुआ वो हारते गये। और आत्मसमर्पण किये ज़िन्दगी के आगे लोगो के आगे।अगर वक़्त अच्छा है तो खराब भी होनी है और इस नाज़ुक वक़्त मे वही गालिब आता है जिनके अन्दर साहस हो जज्बा हो । इसलिए सबसे पहले चाहिए आपको इन दोनों पर काम करे ताकि अगर आप गिरे तो फिर से उठ सके गिरना तो है, हर किसी को,मगर बर्बाद नही होनी झुकना नही है फिर से तय्यार होनी है। फिर जाकर आप एक महान सक़्सियत के रूप मे खुद को निर्माण करते  हो