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Showing posts from January, 2022

आनंद और राहत मे अंतर करना सिखों

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आपके पास मारुति हो या बीएमडब्ल्यू रोड वही रहेगी आप ईकोनोमी लॉस मे सफर करे या बिज़नेस मे आप का वक़्त तो उतना ही कटेगा। आप टाइटन पहने या रोलेक्स समय वही रहेगा आप के पास एप्पल हो या सैमसंग आपको कॉल लगाने वाले लोग नही बदलेंगे। भव्य (शानदार,आलिशान,सुन्दर, विराट)जीवन का लालसा,चाहत,इच्छा रखने या जीने मे कोई बुराई नही लेकिन सावधान रहे क्योंकि ज़रुरत पूरी हो सकती है तृष्णा नहीं प्यास इच्छा आकांक्षा नही। हम तबतक मजे मे नही है जबतक हम राहत और आनन्द मे अन्तर न कर सके ये कितनी बड़ी खुद से ना इंसाफी है की हमने हर कुछ हासिल कर लिए मगर चैन का एक कतरा भी न पा सके। और उम्र भर खुद को कहते रहे की चैन सुकून तो यही था मगर तड़पते रहे सुकन और आनंद भारी ज़िन्दगी के लीए। एक सच ये भी है की पैसा वाला का आधा पैसा तो ये जताने में जाता है कि वो भी पैसा वाला है।

ये शब्द अपने आपको हर दिन बोले।

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तुम्हे किसी को दिखाने के लिए कुछ नहीं करना तुम्हे अपनी फ़ील्ड के उस लेवल तक जाना है  जहाँ तक कोई नहीं गया ये शब्द अपने आपको हर दिन बोले। हर सक़्सियत का अपना एक फ़ील्ड होता है जिसमे वो सोच पाता हैं कि मै यहाँ थोड़ा मेहनत कर दूंगा तो सायद समय से पहले सिखर तक पहुँच जाऊँगा। बस समय वहाँ लगता है अपने आप मे वो फ़ील्ड तलाशना इसलिए ज़रुरी हैं कि सबसे पहले वो रास्ता जो तुम्हारे अन्दर ही छुपा है। जिस रास्ते से तुम्हे मंजिल तक पहुँचना हैं उस रास्ते को ढूंढो ये बिलकुल नासमझी हैं की हमे सही रास्ता नहीं मीला तो इंतजार किये बिना गलत रास्ते को पकड़ लिया और बीच मे जाकर खाई मे गिर गया। ये इंतजार बेहतर हैं गलत रास्ता पकड़ने से क्योकि आगे जाकर ये रास्ते पर तुम्हे गिर ही जाना हैं,रूक ही जाना है,ठहर ही जाना है,सिमित ही रह जाना है।

STRICT(सख्त)होकर उसे फाड़ दो..।

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अपनी हर बुरी आदत हर बड़ी-बड़ी छोटी-छोटी गल्तियां जो तुम्हारे DREAMS और तुम्हारे ATTITUDE को कमजोर करती हो। इन सबका एक लिस्ट बनाओ उस पर सोचो और STRICT(सख्त)होकर उसे फाड़ दो..।

अकेला रहना सिखों

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हम ख़ौफ़ज़दा हैं।इसलिए हम अकेले रहने से डरते हैं।और हर समय किसी का साथ माँगते है। कोई दोस्त मील जाएं कोई जगह मील जाएं कही भीड़ मील जाएं हम अकेला नही रहना चाहतें। क्योंकि अकेला होते ही जो खुद की असलियत है। खुद की वास्तविक हलात है वो सामने आने लगती हैं। दुसरे की मौजूदगी मे हम दूसरो मे उलझे हुए रहते है और हमे पता नही चलता। दुसरे का जो तलाश हैं वो अपने से दूर भागने की तलाश के सिवाए और कुछ नही हैं और यही सच्चाई है कुछ हद तक मेरे नजर मे। किस हद तक हम कमजोर हैं ये बात समझने कि ज़रूरत हैं और इसपर काम करने की ज़रूरत है। और हाँ दूसरो की ज़िन्दगी मे अपनी जगह ढूंढना बंद करो तुम्हारी जहग सिर्फ तुम्हारे ही भीतर हैं। कोई खुद बुलाए तो हर्ज़ नही अपनी असल जगह जहाँ है बेहतर हैं उसे ही फुर्सरत से तराशो इससे तुम अपने आप को खोते जओगे। और किसी और के आदि हो जाओगे बर्बाद रहकर रह जओगे बेहतर यही है की उस कमजोरी से लड़ो जो तुम्हे भीड़ बनने पर मजबुर करता हो,किसी कि सहारा को मजबुर करता हो,उसे तब्दील करना सिखों। मत भूलना की तुम्हे आखिरी मे अकेले ही रह जाना हैं।

कभी-कभी कुछ चिंज हासिल करने से बेहतर उन्हे छोड़ना होता है।

यदि प्लान A काम नहीं कर रहा तो कोई बात नहीं अभी भी 25 letters बचे है उन पर ट्राई करो। मगर यहा देखा जाता हैं कि लोग प्लान A के ही चक्कर मे पड़कर और भी 25 प्लान से चूक जाते है। असफल रह जाने का इक ये भी कारण है। याद रखे कभी-कभी कुछ चिंज हासिल करने से बेहतर उन्हे छोड़ना होता है। यकिन मानिए आप उन डायलॉग को सीरियस न ले जोश और ज़िद्दी वाली,वो और थे,और आप और हैं। आप बेहतर जानते है खुद को,कई बार ऐसा होता हैं की आपकी हालात कुछ और होती हैं। लेहाज़ा हालात को देखकर जोश और ज़िद्दी वाली रास्त अपनाये नही तो बर्बाद हो जाओगे।

हीरा हो तुम इस बात को जानलो

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तुम खुद को मिट्टी समझ रखे हो असल मे हीरे हो तुम  क्यों नही तुम स्वीकार करते लोगो की निगाहों से न देखा करो खुद को। मुमकिन ही नही ये की तुम औरो के नज़र मे अपनी वस्तविकता को देख सको की क्या है तुम्हारे वजुद। ये तुम ही देख सकते हो,मगर तुम इंतज़ार मे हो की मै हीरा हूँ कोई और तो कहे। तुमने ही दे रखा है लोगो को इतना  छुट खुद को और खुद की पहचान को बताने के लिए लोगो को बोल रखा है तुमने ही। जब तुम्हारे भी निगाहे हैं क्यों तुम्हे किसी और के आंखे पर भरोसा हैं? क्यों तुम किसी और के निगाहे का मोहताज हो? बिल्कुल इग्नोर करदो उन सारे लोगो को उन सारी बातें को जो तुम्हे अधूरा समझते हो। जब भी लोगो के द्वारा तुम्हे ऐसे बाते कहीं जायें तो ये जान लो कि ये साज़िस हैं।वो तुम्हारे परफेक्शन से जलते हैं,डरते हैं ये तुम्हारे पूर्णता से। तुम्हे सावधान हो जाना हैं सब्र (सहनशीलता)से खुद को समझाना है ये नासमझी मे फसया जा रहा तुम्हे। उन्हे ठोकर मारो और अपने अन्दर झाँको और एक विश्वास के साथ कहो हाँ मै हीरा हूँ। हाँ मै पुरा हूँ यकीनन तुम्हे एहसास होगा की नही ये लोग झूठ कहते है की मै धुल हूँ मिट्टी हूँ ।

Diet plan for fat loss

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Wake-up time 2 glass warm water with honey and lemon    Breakfast::: 30gram oats in water+ 5 badam +2anjeer+2akhroat+1 bowl boil sweat  corn 🌽 2meal::100gram tofu or paneer with mosammi juice  Lunch:::1bowl boil rice 🍚+ 1 bowl boil rajma or moong dal + green salad Evening time  400 gram papaya   Dinner 1/2 bowl rice  + boil moving saal only + salad   After dinner  1 cup tomato 🍅 soup hand made  And before zym you can take a cup coffee with water  And after zym you can take 3 to 5 egg without yellow part. Only fat takes place in the yellow part.so remove yellow part from egg and please avoid junk food. follow this diet at least 1 to 2 month and exercise hard. then you will really remove fat with your body with this diet plan. and you will also take milk a glass milk with jaggery 5 minutes before going to bed.for deep sleeping. Thanks now start

क्या उन्नती के लिए डिग्री ज़रुरी है ?

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पढ़ा लिखा होना और डिग्री का होना सिर्फ वहा ज़रुरी है जहा आपको नौकरी करनी है। राजा बनने के लिए नही,राजा बनने के लीए डिग्री की नही रणनीति की ज़रूरत होती है। अगर आपके पास डिग्री नही तो ये आप के पास औसर है राजा बनने का। कई बार ऐसा देखने को मिलता है की कुछ लोगो के पास डिग्रीया नही है,मगर उनका विचार बेहतर है,सोच बेहतर हैं। मगर वो मायुश रहते है की मेरे पास डिग्रीया नही,अगर आप इतिहास से वाकिफ होंगे तो आपको पता होगा कि इतिहास मे दिल्ली सल्तनत से लेकर मुगल तक अगर कोई सबसे ज़याद पढ़ा लिखा मिलतें है। तो वो है मुहम्मद बिन तुगलक लेकिन सबसे असफल राजा माने जाता है।  पढा लिखा सिर्फ एक डिग्री हैं, इसलिए इस बात का कोई गारंटी नही कि वो समझदार है या कॉमन सेंस है या नही । मेरा कहने का मतलब ये नही की आप पढ़े ना पढ़ना ज़रुरी हैं। मेरा कहने का मतलब ये हैं की जो पढ़े नही हैं वो खुद को कमतर न समझें।  खुद को कभी भी इस सोच मे न फसाये के हमे डिग्री ही ज़रुरी है अपनी पहचान बनाने के लिए।